NEET PG Admission से जुड़े लाखों मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। देशभर के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटें खाली रहने की समस्या को देखते हुए सरकार और नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने कट-ऑफ परसेंटाइल को शून्य (0 Percentile) करने का अहम फैसला लिया है।
इस फैसले से उन उम्मीदवारों को सीधा फायदा मिलेगा जो अब तक कट-ऑफ की वजह से काउंसलिंग से बाहर हो रहे थे।
क्यों लिया गया कट-ऑफ शून्य करने का फैसला?
हर साल NEET PG परीक्षा के बाद यह देखा जा रहा था कि:
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हजारों PG मेडिकल सीटें खाली रह जाती हैं
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कई सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में MD/MS/Diploma सीटें नहीं भर पातीं
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डॉक्टरों की कमी के बावजूद सीटें खाली रहना सिस्टम के लिए नुकसानदायक है
पहले और अब का कट-ऑफ परसेंटाइल
| कैटेगरी | पहले कट-ऑफ | अब कट-ऑफ |
|---|---|---|
| General | 50 Percentile | 0 Percentile |
| SC/ST/OBC | 40 Percentile | 0 Percentile |
| PwD | 45 Percentile | 0 Percentile |
किन छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा?
इस फैसले से खासतौर पर लाभ होगा:
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कम स्कोर वाले NEET PG उम्मीदवार
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बार-बार ड्रॉप लेने वाले छात्र
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प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन चाहने वाले
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NRI और Management Quota के उम्मीदवार
अब ऐसे छात्र भी काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे, जो पहले कट-ऑफ के कारण बाहर हो जाते थे।
कौन-सी सीटें रहेंगी शामिल?
कट-ऑफ शून्य होने का फायदा मिलेगा:
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MD (Doctor of Medicine)
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MS (Master of Surgery)
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PG Diploma Courses
क्या इससे मेडिकल क्वालिटी पर असर पड़ेगा?
यह सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से उठ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
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एडमिशन आसान होगा, लेकिन
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PG ट्रेनिंग और परीक्षा का स्तर पहले जैसा ही रहेगा
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जो छात्र प्रदर्शन नहीं करेंगे, वे कोर्स में टिक नहीं पाएंगे
काउंसलिंग में क्या बदलाव होगा?
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MCC और State Counselling Authorities को नए निर्देश
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Special Stray Vacancy Round में ज्यादा सीटें भरने की कोशिश
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प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया तेज
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप NEET PG उम्मीदवार हैं तो:
- काउंसलिंग में जरूर रजिस्ट्रेशन करें
- Choice Filling सोच-समझकर करें
- कॉलेज की फीस और बॉन्ड शर्तें जरूर जांचें
- फर्जी एजेंट्स से बचें
Disclaimer
यह जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक अपडेट्स पर आधारित है।
काउंसलिंग से पहले MCC / NMC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लेटेस्ट नोटिस जरूर देखें।
निष्कर्ष
NEET PG Admission में कट-ऑफ परसेंटाइल शून्य करना मेडिकल शिक्षा के इतिहास का एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। इससे हजारों सीटें भरेंगी और देश को ज्यादा स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिल सकेंगे।
यदि आप इस मौके को चूकना नहीं चाहते, तो काउंसलिंग प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें।









